Posts

Showing posts from December, 2023

गीत फरोश" कविता पे चिंतन

  INSTITUTE OF LANGUAGE TEACHING B.ED COLLEGE RAJKOT  NAME :- DABHI MONTU  ROLL NO :- 04  ENROLLMENT NUMBER :- 221480030029 "गीत फरोश" भवानी प्रसाद मिश्र की कविता पे चिंतन इस कविता में कवि कहना चाहते है कि मैं आज ऐसी विपिन स्थिति में पहुंच गया हूं कि, मुझे अपने करीने से सजाए शब्दों के उपवन के गीतों को बेचना पड़ रहा है। मैं अपनी कलम बेचने में यकीन नहीं करता पर परिस्थितियां ही इतनी त्रासद है कि मुझे अपनी कलम बेचने पर मजबूर होना पड़ रहा है। कवि स्पष्ट कर रहा है कि उन्हें किन परिस्थितियों के कारण गीत बेचना पड़ रहा है, और उन लोगों को स्पष्ट कर देना चाहता है कि वह किसी शौक के लिए इस कार्य को नहीं कर रहे हैं बल्कि वह मजबूरी में इस कार्य को करना पड़ रहा है।               आगे कहते है की मेरे पास गीतों का अथाह भंडार है आप जरा गीत पसंद कीजिए, जो भी गीत उठाएंगे उसी गीत का कोई ना कोई अर्थ होगा। वह निरर्थक नहीं होगा यह मेरे गीत आपके किसी ना किसी काम आ जाएंगे आपके सुख और दुख हो किसी भी प्रकार का वातावरण हो उसके अनुकूल उसकी परिस्थितियों के अनुकूल य...